फरीदाबाद। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) सम्मेलन केंद्र, सेक्टर-12, फरीदाबाद में आज जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री सुश्री आरती राव ने की। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 परिवाद प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 11 परिवादों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 04 मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। उन्होंने बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परिवादों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित किया जाए और समाधान इस प्रकार हो कि परिवादी को पूरी संतुष्टि मिले। बैठक में सेक्टर-21 निवासी एवं पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह दलाल ने मुख्य सडक़ की जर्जर स्थिति और सीवरेज लाइन डालने के बाद उत्पन्न समस्याओं का मुद्दा उठाया। शिकायत पर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि सडक़ निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए 15 नवंबर तक सडक़ का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को लंबे समय तक असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए और अधिकारियों को अपने आश्वासनों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। गांव महरा निवासी गोपाल सिंह की बिजली बिल से संबंधित शिकायत पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जांच में सामने आया कि पुराने बिजली बिलों में विभागीय त्रुटियों के कारण गलत राशि दर्ज हुई थी। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि गलत बिलिंग से संबंधित राशि को विभाग द्वारा समायोजित किया जा रहा है और इस मद में उपभोक्ता से वसूली नहीं की जाएगी। वहीं, बिजली चोरी से संबंधित अलग मामले के न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण मंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों मामलों को अलग-अलग रखते हुए न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान किया जाए तथा उपभोक्ता की वैध शिकायत का नियमानुसार समाधान किया जाए।
बैठक में साहूपुरा से सौतेई गांव तक तथा आगरा नहर के आसपास सडक़ की खराब स्थिति का मामला भी उठाया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि सडक़ लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले की समीक्षा कर सडक़ निर्माण एवं जल निकासी से जुड़े कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एक अन्य शिकायत में निजी विद्यालय की फीस से संबंधित मामले पर सुनवाई की गई। शिकायतकर्ता ने अपने बेटे की पढ़ाई, दुर्घटना के बाद स्कूल नहीं जा पाने तथा बकाया फीस को लेकर अपनी समस्या रखी। स्कूल प्रबंधन ने भी अपना पक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान फीस के बकाया भुगतान और विद्यालय में विद्यार्थी की पढ़ाई दोबारा शुरू करवाने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों पक्षों के बीच एक मुश्त तय राशि के निपटारे पर सहमति बनी।
स्कूल प्रबंधन ने भुगतान होने पर विद्यार्थी को विद्यालय में पढ़ाई जारी रखने देने की बात कही। सराय अंडरपास के लंबे समय से बंद रहने और वहां जलभराव की समस्या को लेकर भी चर्चा की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि अंडरपास बंद रहने से आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ता है और लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जल निकासी के लिए आधुनिक डिस्पोजल व्यवस्था और आवश्यक पंप लगाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। मंत्री ने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से जिम्मेदारी तय करने तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस कार्य के लिए 15 दिसंबर तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बैठक में शहर में कूड़ा उठान और उसके निस्तारण की समस्या पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कूड़े के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर शहर में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए। मंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही बेसहारा पशुओं की समस्या पर भी विचार-विमर्श किया गया और उनके उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, एनआईटी विधायक सतीश फागना, फरीदाबाद भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, बल्लभगढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष सोहन पाल सिंह, पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता, उपायुक्त आयुष सिन्हा, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह , एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, एचएसवीपी एडमिस्टेटर नीरज कादियान सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।


