लोकसभा में दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा शुरू हो गई है।
विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी।
प्रियंका गांधी ने सरकार से सवाल किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का अधिकार किसने दिया। प्रियंका ने कहा- एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षामंत्री बनाया जिसने गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद सत्ता पक्ष ने हंगामा किया।
रिजिजू निशिकांत दुबे और जोशी ने विरोध किया और कहा कि पहले प्रियंका इस बात का सबूत दें और माफी मांगे।
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार वचन नहीं, जुमले देती है। दोपहर का सत्र शुरू होने पर स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मैंने चर्चा के लिए 6 घंटे का समय तय किया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष चाहें तो समय बढ़ा सकते हैं।
इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों से बात की है। अब 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत होगी तो हम 10 घंटे भी चर्चा को तैयार हैं।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की खामियां सिर्फ एक लक्षण हैं और इन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के जरिए दूर किया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकार शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार कर रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में जवाबदेही की मांग करता है, लेकिन उसे राज्यों में होने वाली परीक्षाओं की गड़बड़ियों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को एक-दूसरे से तुलना का सामना करना पड़ता है। स्टूडेंट्स आखिर में रोबोट बन जाते हैं।
प्रह्लाद जोशी बोले- प्रियंका जी को अपने बयानों का सबूत देना चाहिए। इस अफवाह के संबंध में कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या कोई कुछ भी कह सकता है और इससे बच सकता है?
रिजिजू ने कहा- प्रियंका ने शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की वह चरित्र हनन है। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें। वह सीनियर लीडर हैं उन्हें जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए।


