मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रद्द करने की मांग को लेकर राहुल गांधी लगातार दो दिन सड़क पर उतरे। 48 घंटों में उन्होंने 14 घंटे से ज्यादा प्रदर्शन में बिताए।
6 अक्टूबर को राहुल, प्रियंका और विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी परिसर में करीब 8 घंटे धरना दिया। इस दौरान राहुल पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर खाना खाते नजर आए। पुलिस ने उन्हें दो बार हिरासत में लिया।
7 अक्टूबर को राहुल ने विपक्षी सांसदों के साथ लंच किया और फिर जंतर-मंतर के लिए बस से रवाना हुए। पुलिस ने रास्ते में बस रोकी तो राहुल सड़क पर खड़े हो गए। नहीं हटने पर पुलिस उन्हें जबरन उठाकर ले गई और हिरासत में लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
2023 में भारत जोड़ो यात्रा खत्म होने के बाद यह उनका सड़क पर सबसे बड़ा प्रदर्शन रहा। बीच में वे छोटे प्रदर्शनों में शामिल होते रहे हैं।
साल 2026 ऐसा है जब राहुल पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा एक्टिव हैं। 2024 में उन्होंने सिर्फ एक बड़े प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं 2025 में भी उन्होंने विपक्ष के साथ एक मार्च निकाला था। जबकि इस साल वे नीट पेपर मुद्दे के प्रदर्शन में छात्रों के साथ हुए व्यवहार और SIR के विरोध में 4 महीनों में चार बड़े विरोध जता चुके हैं या प्रदर्शन में हिस्सा लिया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च पर निकले। मुख्य मुद्दे SIR, वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग थे। विपक्ष चाहता था कि चुनाव आयोग उसकी शिकायतें सुने।
मार्च को NITI Aayog के पास रोक दिया गया। राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराया। कई अन्य विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया।
मार्च रुकने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। वहां दूसरे विपक्षी सांसद भी उनके साथ जुड़ गए। उन्होंने चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग करते हुए वहीं धरना शुरू कर दिया।
राहुल गांधी ने धरने के दौरान मीडिया से बात की और कहा कि वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े हैं। विपक्ष चाहता था कि करीब 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिले। लेकिन ECI ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक रूप से मुलाकात का अनुरोध नहीं किया था। बाद में आयोग ने कहा कि 240 सांसदों को संसद परिसर में मिलने का प्रस्ताव उसके निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था।


