गुजरात के दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से बाढ़ के हालात हैं। उमरगाम तालुका में पिछले 24 घंटों में 43 इंच बारिश दर्ज की गई है। इससे निचले इलाके डूब चुके हैं। NDRF और राज्य की SDRF की टीमों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना भी बचाव कार्यों में लगी हुई है। अब तक 1,200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वहीं, सूरत में 4 घंटे में 4 इंच बारिश हुई। भेड़ावल और सीमादा नदियां उफान पर हैं। अन्य नदियां भी खतरनाक स्तर पर बह रही हैं। 2,244 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 3 जिलों में बारिश का रेड, 11 जिलों में ऑरेंज और 10 जिलों में यलो अलर्ट है।
महाराष्ट्र के तटीय पालघर जिले में बाढ़ के हालात हैं। दहानू और तलासरी तहसीलों के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। पश्चिम रेलवे ने एहतियात के तौर पर घोलवड़ और उमरगाम स्टेशनों के बीच रेल यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया है।
रेलवे के मुताबिक, इस रूट पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद गुजरात सुपरफास्ट एक्सप्रेस, मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस और मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस गुरुवार को नहीं चलेंगी।
यूपी में आज 69 जिलों में बारिश का अलर्ट है। उधर, असम में बाढ़ से 6.53 लाख लोग प्रभावित हैं। 24 घंटे में 10 लोगों की मौत हो गई। अब तक मृतकों की संख्या 41 पहुंच गई है।
नई सैटेलाइट इमेज में भारत के हिमालय से दक्षिण कोरिया तक 7 से 10 हजार किलोमीटर लंबी बादलों की बेल्ट दिखाई दे रही है। इससे पूरे देश में भारी बारिश हो रही है। इसी वजह से देश में पिछले 2 दिनों में नॉर्मल से 170-180% बारिश हुई है।
इसे मानसून कन्वर्जेंस जोन कहा जाता है। यह तब बनी जब हिंद महासागर से आई नमी भरी हवाएं एशिया की तरफ आईं। इस वजह से मध्य प्रदेश, राजस्थान, यूपी, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और गुजरात में लगातार 60 घंटे से बारिश हो रही है।
महाराष्ट्र के तटीय पालघर जिले में लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। दहानू और तलासरी तहसीलों के कई गांवों का संपर्क टूट गया है, निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं और बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति ठप है।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक 891 लोगों यानी 218 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि करीब दो लाख लोग बिना बिजली के रह रहे हैं।
जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि बुधवार रात से जिले में मूसलाधार बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा असर दहानू और तलासरी तहसीलों में पड़ा है। स्थिति को देखते हुए जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को गुरुवार के लिए बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
गुजरात के दक्षिणी जिले वलसाड में भारी बारिश के बीच राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन की मदद के लिए फिलहाल तीन NDRF और पांच SDRF टीमें तैनात हैं। इसके अलावा नई दिल्ली से दो अतिरिक्त NDRF टीमें गुरुवार शाम तक वलसाड पहुंचेंगी।
जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, बचाव और राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए 70 जवानों की एक सेना की टुकड़ी भी वलसाड भेजी जा रही है। उनके साथ पांच नावें भी होंगी। इसके अलावा 25 कर्मियों की फायर विभाग की टीम भी मौके पर तैनात की जा रही है।
सभी टीमें जिला प्रशासन के साथ मिलकर बचाव, राहत और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम करेंगी। यह कार्रवाई जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर की जा रही है।
इसी बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राहत कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। वे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे।


