कर्नाटक के बेंगलुरु में गुरुवार सुबह पत्थर खदान ढहने से 7 प्रवासी मजूदरों की मौत हो गई। इनमें पांच मजदूर मध्य प्रदेश, एक छत्तीसगढ़ और एक कर्नाटक के यादगीर का रहने वाला था।
घटना के दौरान 17 मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, साउथ तालुक इलाके में मौजूद कावेरी क्रशर कंपनी की खदान में खनन चल रहा था।
इसी दौरान 40 फीट ऊंचाई से चट्टान का बड़ा टुकड़ा मजदूरों पर आ गिरा। हादसे में 5 मजदूर भी घायल हो गए। पांचों खतरे से बाहर हैं। सभी मृतक व घायल दिहाड़ी मजदूर थे और वहां स्टोन क्रशर साइट पर काम करते थे।
एक्सकेवेटर चला रहे परशुराम ने बताया कि काम शुरू करने के लिए जैसे ही मैं मौके पर पहुंचे और मशीन चालू की, तभी पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता, लेकिन उस समय नीचे करीब 18 लोग काम कर रहे थे। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। मलबे में दबे 4 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास 24 जून दोपहर 12:07 बजे निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिर गया। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में दबे 20 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें दो आईसीयू में है। अन्य 18 की हालत खतरे से बाहर है।


