देश ने पूरे मानसून को कवर कर लिया है, लेकिन आज सामने आई तस्वीरें परेशान करने वाली हैं। मौसम विभाग की सैटेलाइट इमेज में मध्य भारत में मानसून ज्यादा एक्टिव है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर तक बादल हैं।
दूसरी ओर, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी हिस्सों में बादल कम हैं। यहां आने वाले दिनों में बारिश की कम संभावनाएं दिख रही हैं।
देश के मानसून के लिए एक और बुरी खबर है। फिलीपींस के पास प्रशांत महासागर में सुपर टायफून ‘बावी’ बना है। यह ताइवान और चीन की ओर बढ़ रहा है। इसका असर 3 से 4 हजार किमी दूर बंगाल की खाड़ी तक पड़ रहा है।
जब तक यह तूफान चीन नहीं पहुंचता, तब तक बंगाल की खाड़ी में बारिश कराने वाला नया सिस्टम बनने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में दो दिन बाद देश के कई हिस्सों में बारिश कम हो सकती है। अच्छी बारिश के लिए अगले करीब एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ सकता है।
मानसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया। इसे पूरे देश को कवर करने में 38 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार 36 दिन में ही कवर कर लिया। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक दो दिन बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी में स्टंट के दौरान एक कार फंस गई। स्थानीय लोगों ने क्रेन से बाहर निकाला। कार में सवार दोनों युवकों की जान बच गई है।
दिल्ली के तुखमीरपुर में 24 घंटे में 160 मिमी बारिश हुई। विकास मार्ग, संगम विहार, द्वारका, मुनीरका, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों पर सड़कें डूब गई। गाजीपुर मंडी और आसपास का इलाका पानी में डूब गया। कार पर पेड़ भी गिरा।
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को 30 शहरों में बारिश हुई। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मस्जिद की पुरानी दीवार गिरने से एक ही परिवार के 2 लोगों की जान गई। हरदोई में 2 बहनें नदी में बह गईं।
बिहार के गोपालगंज में बिजली गिरने से एक की मौत हो गई। राजस्थान के धौलपुर में बारिश के चलते मकान ढह गया और 6 लोग मलबे में दब गए। राज्य में 6 ट्रेनें कैंसिल हुई हैं। कई ट्रेनें लेट भी हैं।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शुक्रवार को यमुनोत्री हाईवे लैंडस्लाइड में 100 मीटर बह गया। इससे करीब 1000 यात्री फंसे हैं, जिन्हें 27 घंटे बाद निकाला गया। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग चट्टानें गिरने से बंद है। हरिद्वार में सड़कों पर 3-4 फीट पानी भर गया।


