एडीसी सतबीर मान ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस द्वारा की जाने वाली चेकिंग की प्रत्येक रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से संलग्न कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध नशे के व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि समाज में अपराध पर रोक लगाई जा सके।
श्री मान ने यह भी स्पष्ट किया कि चिन्हित अपराधों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट (वाणिज्यिक मात्रा), हत्या, दुष्कर्म, भ्रूण हत्या (एमटीपी अधिनियम) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम जैसे गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों की विवेचना निष्पक्ष एवं गहन होनी चाहिए तथा उपलब्ध सभी पुख्ता सबूतों को एकत्रित कर समयबद्ध तरीके से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर ढिलाई पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और अपराधियों को न्यायालय से कड़ी सजा दिलवाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को नशे की चपेट में आने से रोकने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
इस अवसर पर एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, डॉ सीटीएम अंकित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल सिंगला, डॉ मान सिंह, जिला न्यायवादी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


