बल्लभगढ़। श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया। इसमें कथा व्यास बाबा बवंडर महाराज ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था। जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे। कथा का आगाज गुरु वंदना के साथ किया गया।
इस मौके पर अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता गिरीश भारद्वाज, मुकेश वशिष्ठ व राजेंद्र जैन ने कथा में पहुंचकर श्रीजी का आर्शीवाद लिया जहां बल्लभगढ़ प्रेस क्लब के प्रधान अशोक जैन, संदीप पाराशर, श्यामसुंदर मित्तल, गोपाल अरोड़ा, दीपक मुखी व योगेंद्र चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उसको स्मृति चिन्ह भेंट किया। यह संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह ब्रह्मणवाड़ा स्थित श्री सिया राम हनुमान मंदिर में बल्लभगढ़ प्रेस क्लब द्वारा आयोजित की जा रही है।
इसके उपरांत कथा व्यास बाबा बवंडर ने भगवान श्री कृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व अध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है।
अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसालें हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है। इस मौके पर संकीर्तन मंडली की सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।


