दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को दो बिल्डिंग गिर गईं। इसमें एक छह मंजिला है जिसमें पीजी चलता है। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे। 3 का रेस्क्यू कर लिया गया है।
हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि मलबे में कितने बच्चे फंसे हैं। आसपास की दूसरी बिल्डिंग को भी सुरक्षा के लिए खाली करा लिया गया है।
घटना दोपहर 1:30 बजे की है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गईं हैं।
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई छात्र आवास हैं और आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान हैं।
इसी वजह से यहां दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
DUSU अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा, अब तक करीब 10-15 छात्रों को बचाया जा चुका है, जबकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हैं। हम उनके संपर्क में हैं और NDRF की पूरी टीम मौके पर पहुंच गई है। मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और छात्रों की मदद के लिए अन्य टीमें भी पहुंच रही हैं। अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।
एक चश्मदीद ने कहा- गिरी हुई इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज’ है। इसके ठीक बगल में एक और इमारत भी गिर गई है। ‘हॉस्टल डेज’ सिर्फ लड़कों के लिए बना PG था और यह पांच मंजिला इमारत थी। बगल वाली इमारत भी गिर गई। जो भी छात्र अपने कमरों में थे, वे मलबे में फंस गए। कितने छात्र फंसे हैं, इसकी सही संख्या रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगी। इमारत गिरने के बाद से करीब 15-20 मिनट से फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं और लोगों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रही हैं। कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। बचावकर्मी काफी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाल रहे हैं।


