मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले पुलिस ने 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने दोनों को सोमवार को पकड़ा था। इसकी जानकारी मंगलवार को सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में 24 साल का युवक PMO का अफसर बनकर पहुंचा था। उसके साथ लोडेड रिवाल्वर लिए गार्ड भी था। जांच के दौरान दोनों को पकड़ा गया। मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।
पीएम मोदी शाम को करीब 5.45 बजे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध युवक की पहचान रोहन पारेख (24) के रूप में हुई है। वह NMACC परिसर में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर घूम रहा था। उसके व्यवहार और गतिविधियों पर सुरक्षा अधिकारियों को संदेह हुआ।
पीएम के कार्यक्रम को देखते हुए इलाके में पहले से ही विशेष सुरक्षा समूह (SPG) और मुंबई पुलिस की कड़ी तैनाती थी। सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस ने रोहन को रोका और उससे पूछताछ की।
पूछताछ में रोहन ने अपनी पहचान साबित करने के लिए PMO का पहचान पत्र दिखाया। पुलिस ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि यह पहचान पत्र फर्जी था।
रोहन के साथ उसका निजी बॉडीगार्ड भी मौजूद था। तलाशी लेने पर अंगरक्षक के पास से भरी हुई पिस्तौल बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि फर्जी PMO पहचान पत्र रखने वाला युवक सुरक्षा जांच को पार कर NMACC परिसर तक कैसे पहुंचा।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रोहन ने फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कहां-कहां किया और उसे यह कार्ड किसने उपलब्ध कराया था। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के उसके वास्तविक मकसद की भी जांच की जा रही है।


