शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी से बागी 6 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘अगर देश में कानून का राज है तो इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। ये सांसद विकास के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ के लिए गए हैं।’
उद्धव ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर BJP का ‘बाबर जनता पार्टी’ बताया। उन्होंने कहा, ‘बाबर ने राम मंदिर तोड़ा था। अब बाबर जनता पार्टी नए बने राम मंदिर को लूट रही है। दोनों में क्या फर्क है?’
उद्धव इन दिनों मराठवाड़ा के दौरे पर हैं। बाकी सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने परभणी और धाराशिव में अलग-अलग सभाओं को संबोधित किया।
परभणी में ही उद्धव ने कहा कि छह सांसदों का दल-बदल ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ का हिस्सा है। बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व पहले अपने ही नेताओं के पर काटता है। शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि गडकरी के पर इसलिए काटे गए, ताकि वे प्रधानमंत्री न बन सकें। अगर वे दूसरी बार बीजेपी अध्यक्ष बनते तो RSS के समर्थन से प्रधानमंत्री बन सकते थे। शिवसेना को तोड़ने के पीछे भी देवेंद्र फडणवीस को रोकने की राजनीति है। वे दिल्ली जाने का सपना देख रहे हैं। यह महाराष्ट्र के लिए एक और झटका होगा।
22 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसने से लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना 4 साल में 2 बार टूटी। शिवसेना के 55 विधायक थे। एकनाथ शिंदे 40 विधायकों के साथ अलग हो गए। अब 10 सांसदों में से 7 पार्टी से अलग हो गए हैं।
शिवसेना (UBT) को संसद भवन में अपना मौजूदा ऑफिस खाली करना पड़ सकता है। संसद भवन के नियमों के मुताबिक, सिर्फ 5 या उससे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी को संसद भवन में ऑफिस मिल सकता है।


