उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम मोदी को रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया।
उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
मोदी-शावकत के बीच ताशकंद में द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अभी दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से ज्यादा है। बैठक के बाद पीएम ने मीडिया को संबोधन किया।
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वे SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे।
भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है।
मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में गांधी रेस्टोरेंट के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर ने बताया कि PM मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके लिए घर जैसा ताजा गुजराती खाना तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नाश्ते में पोहा, उपमा और इडली-सांभर रखा जाएगा। लंच में थेपला, दाल-चावल और गुजराती सब्जियां परोसी जाएंगी। वहीं डिनर में PM मोदी के लिए खिचड़ी-कढ़ी बनाई जाएगी।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गीजस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में इससे जुड़े। 2023 में ईरान भी इसका सदस्य बना।
SCO का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। संगठन आतंकवाद, उग्रवाद, ड्रग तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाता है।


