कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजीकर रेप मर्डर केस को दबाने के आरोपों की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने CBI की 3 सदस्यीय SIT बनाने का आदेश दिया। जिसकी अगुवाई CBI के पूर्वी क्षेत्र के जॉइंट डायरेक्टर करेंगे। SIT को 25 जून तक रिपोर्ट देनी होगी।
हाईकोर्ट ने CBI को उस रात की पूरी घटनाक्रम की दोबारा जांच करने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने CBI को जरूरत पड़ने पर किसी से भी पूछताछ करने की अनुमति दी है।
कोर्ट ने यह आदेश पीड़ित के माता पिता की तरफ से लगाई याचिका पर दिया। पिछले साल 17 मार्च को पैरेंट्स ने CBI पर केस की सही जांच नहीं करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने पेरेंट्स को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की परमिशन दी थी।
आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। 20 जनवरी 2025 को सेशंस कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं।
9 अगस्त की घटना के बाद आरजी कर अस्पताल के डॉक्टरों और पीड़ित परिवार ने मामले की CBI जांच की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच के आदेश नहीं दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 13 अगस्त को जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद CBI ने नए सिरे से जांच शुरू की।
संजय रॉय के अलावा मामले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन CBI 90 दिन के अंदर घोष के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं कर पाई, जिस कारण सियालदह कोर्ट ने 13 दिसंबर को घोष को इस मामले में जमानत दे दी।
CBI ने 25 अगस्त को सेंट्रल फोरेंसिक टीम की मदद से कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में संजय समेत 9 आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया था। इनमें आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, ASI अनूप दत्ता, 4 फेलो डॉक्टर, एक वॉलंटियर और 2 गार्ड्स शामिल थे।


