vउद्धव ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से कहा- उन्हें (बागी सांसदों को) अपना पक्ष रखने दीजिए। सही समय आने पर हम अपना पक्ष रखेंगे। वहीं पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा- शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए हैं। हालात संभालने के लिए अब सर्जरी करनी पड़ेगी।
इससे पहले संजय राउत ने X पर बताया था कि उद्धव 27 जून से महाराष्ट्र में जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस दौरान वे बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे। जारी शेड्यल के अनुसार, उद्धव 27 जून को यवतमाल, वाशिम और हिंगोली जाएंगे। 28 जून को परभणी और धाराशिव का दौरा करेंगे। 29 जून को शिर्डी पहुंचेंगे।
उद्धव गुट के 6 सांसदों के बागी होने से लोकसभा में शिंदे गुट की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो जाएगी। उद्धव गुट में 9 में सिर्फ 3 सांसद बचेंगे। बागी सांसदों में संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और ओमप्रकाश राजे निंबालकर शामिल हैं।
ये सभी सांसद 18 जून को शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। बैठक में सिर्फ 3 सांसद- अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे पहुंचे। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा था कि हमारे सांसदों को किडनैप किया गया है। जो बैठक में नहीं आएगा वो गद्दार है।
उद्धव ने पार्टी में बगावत के बीच हिंगोली सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर के बेटे कृष्णा पाटिल आष्टीकर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया है।
पार्टी नेता संजय राउत ने X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई उद्धव ठाकरे के निर्देश पर की गई है। कृष्णा हाल ही में महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नांदेड़ स्थानीय निकाय सीट से उद्धव गुट के उम्मीदवार थे।
उद्धव ने 21 जून को मुंबई के भांडुप में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- शिवसेना ने जिस भाजपा को उसके शुरुआती दौर में आगे बढ़ने में मदद की, आज वही शिवसेना तोड़ने का पाप कर रही है।
उद्धव ने कहा- भाजपा दूसरों के बच्चे चुराने का काम करती है। बालठाकरे की बनाई शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस से लड़ाई लड़ी। लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को खत्म करने या उसका नाम छीनने की कोशिश नहीं की।
उद्धव ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा- मेरे नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली और एकमात्र शिवसेना है। दरअसल, शाह ने 20 जून को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक रैली में कहा था कि पहले हमें एकनाथ शिंदे के नाम पर शिवसेना के शिंदे गुट का जिक्र करना पड़ता था। अब कोई गुट नहीं है। अब सिर्फ एक ही शिवसेना है।


