कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने बयान के कारण एक बार फिर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, थरूर ने 21 जून को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की।
इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- हमने जम्मू-कश्मीर की स्थिति और हालात में आ रहे सुधार पर बात की। चुनौतियां अभी भी हैं, लेकिन इस दौरे के बाद मुझे पहले से ज्यादा पॉजिटिव महसूस हुआ।
थरूर के इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस के भीतर ही विरोध शुरू हो गया। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि थरूर को कश्मीर के लोगों से भी मिलना चाहिए था, ताकि वे जमीनी हालात को बेहतर तरीके से समझ पाते।
थरूर का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य नहीं कर पाने का आरोप लगाती रही है। साथ ही पार्टी विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का विरोध करती आई है।
वहीं भाजपा ने थरूर के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने कहा कि आर्टिकल 370 हटने के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं लगभग खत्म हो गई हैं और सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 18 महीनों में कोई भी कश्मीरी युवा आतंकवादी संगठनों में शामिल नहीं हुआ है।
थरूर 20 जून को श्रीनगर नालंदा डायलॉग नाम के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने X पर तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि यहां पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम त्रासदी के एक साल बाद अब कश्मीर में पर्यटन को फिर से रफ्तार देने का समय आ गया है।
थरूर ने दो दिन पहले न्यूज एजेंसी PTI को दिए एक इंटरव्यू में पीएम की तारीफ की थी। उन्होंने G7 समिट में ट्रम्प के सामने भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाने और ‘ट्रस्ट डेफिसिट’ वाले बयान पर पीएम का समर्थन किया।
कांग्रेस सांसद ने कहा- यह मैसेज देना जरूरी है कि युद्ध के समय, कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले आम नागरिकों और नाविकों को लड़ाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। वे सैनिक नहीं होते, और यही संदेश पीएम मोदी ने दिया।


