सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- यह दुखद है कि NTA ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सोमवार को फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) औरअन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान उन्होंने कहा,
कोर्ट ने निर्देश दिया कि NTA गुरुवार तक हलफनामा दाखिल करे और बताए कि 2024 में दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कदम उठाए गए। साथ ही केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब मांगा है।
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।
12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया।
NEET UG पेपर लीक मामला में आरोपी मनीषा संजय हवलदार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया था। उन पर एग्जाम से पहले फिजिक्स पेपर लीक करने का आरोप है।दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 20 मई को खैरनार की CBI हिरासत 5 दिन और बढ़ाई गई थी। इससे पहले 14 मई को अदालत ने खैरनार समेत पांच आरोपियों को 7 दिन की CBI हिरासत में भेजा था।
एजेंसी ने कहा था कि NEET-UG 2026 पेपर खरीदने वाले अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए उससे आगे पूछताछ जरूरी है।
महाराष्ट्र के स्कूल सेठ हीरालाल सरस्वती प्रशाला ने सीनियर फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार को NEET पेपर लीक में शामिल होने के आरोप में सस्पेंड किया गया। स्कूल सेक्रेटरी डॉ. सतीश गावड़े ने बताया था कि मनीषा1992 से संस्थान में फिजिक्स की लेक्चरर थीं। उनके पास MSc, B.Ed की डिग्री है। 30 जून को उनका रिटायरमेंट था।


