बंगाल के बारासात से TMC सांसद काकोली घोष ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखा। इसमें उन्होंने TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर संसद के अंदर बदतमीजी और गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई है। काकोली घोष ने लिखा,
उधर, कल्याण बनर्जी ने काकोली के आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, काकोली ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।
कल्याण बनर्जी ने कहा, ऐसा लगता है कि वे किसी खास उद्देश्य से काम कर रही हैं, जिससे मुझे संदेह होता है। जहां तक लगाए जा रहे आरोपों का सवाल है, असली मुद्दा यह है कि किसने क्या कहा और कब कहा। समस्या उनकी मंशा में है।
20 मई को काकोली घोष ने पार्टी नेतृत्व से नाराज होकर बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद TMC ने उनकी जगह तापस चटर्जी को नया अध्यक्ष बना दिया। घोष पार्टी की महिला विंग और ‘बंगा जननी’ कार्यक्रम से भी जुड़ी थीं।
सुब्रत बख्शी को भेजे इस्तीफे में घोष ने शिक्षक भर्ती घोटाला, भ्रष्टाचार, जेल विवाद और आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की मौत जैसे मामलों का जिक्र किया। उन्होंने चुनाव रणनीति में I-PAC के बढ़ते दखल पर भी सवाल उठाए। घोष ने कहा कि पार्टी में अनिर्वाचित लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे संगठन का काम प्रभावित हो रहा है।
27 मई को काकोली ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे लेटर में लिखा, ‘मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद यह फैसला लिया है।’ हालांकि, वह आम कार्यकर्ता की तरह पार्टी से जुड़ी रहेंगी।
काकोली का इस्तीफा उस बैठक के बाद आया, जिसमें वे पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में कल्याणी में शामिल हुई थीं। बताया जा रहा है कि TMC ने उन्हें बैठक में जाने से अनौपचारिक रूप से मना किया था।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर थाने में FIR दर्ज की गई है। ममता पर आरोप है कि उन्होंने 2025 में कोलकाता में आयोजित ईद कार्यक्रम के दौरान सनातन और हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
विवाद उस बयान को लेकर है, जिसमें ‘गंदा धर्म’ जैसे शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस मामले पर ममता की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


