AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को हैदराबाद में ईद मिलाप कार्यक्रम में आरोप लगाया कि नमाज और अजान से जुड़े मुद्दे जानबूझकर मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए उठाए जाते हैं।
ओवैसी ने हिंदू त्योहारों के दौरान अंडे, मांस और चिकन की बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी त्योहार के दौरान मांस की दुकानें बंद कराई जाती हैं, तो रमजान के 30 दिनों में शराब की दुकानें भी बंद की जानी चाहिए।
NEET पेपर लीक- ओवैसी ने NEET पेपर लीक मामले की मीडिया कवरेज की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 22 लाख छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन टीवी चैनलों ने उनकh समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। इसके बजाय मुसलमानों, अजान और मांस जैसे मुद्दों को ज्यादा महत्व दिया गया।
CBSE आंसर शीट विवाद- उन्होंने एक न्यूज एंकर द्वारा CBSE की बदली गई आंसर शीट को लेकर सवाल उठाने वाले छात्र को पाकिस्तानी कहे जाने पर आपत्ति जताई। ओवैसी ने पूछा, क्या सरकार पर सवाल उठाने वाला हर व्यक्ति पाकिस्तानी है?
UCC का विरोध- ओवैसी ने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मुस्लिमों पर हिंदू विवाह संबंधी नियम थोप रही है। UCC में आदिवासी समुदायों को छूट दी गई है, जबकि मुस्लिमों के निजी कानूनों में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
बढ़ती तेल कीमतों पर- ओवैसी ने कहा, पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं, गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन इन मुद्दों पर बात नहीं होती।
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। जो पार्टियां आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, उनकी दुकान अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित जनसभा में ये बयान दिया।


