वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा में पिछले 15 दिन से चल रही भीषण गर्मी से राहत मिली है। आंधी, बारिश और ओले गिरने से इन राज्यों में पारा 40°C से नीचे पहुंच गया है।
आज भी हिमाचल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, राजस्थान समेत 8 राज्यों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा 3 घंटे तक रुकी रही।
हालांकि, शनिवार को देश के 36 शहरों में पारा 40°C से ज्यादा रहा। महाराष्ट्र के विदर्भ में तापमान अभी भी 44°C से ज्यादा है। यहां का चंद्रपुर (चांदा) 44.8°C तापमान के साथ देश में सबसे गर्म रहा।
शनिवार को राजस्थान के 5 जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर में शनिवार दोपहर 3 बजे रेतीला तूफान आया। इसका असर करीब 200 वर्ग किलोमीटर के इलाके में रहा।
इस रेतीले तूफान की शुरुआत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर से हुई थी। बवंडर को पाकिस्तान की ओर से उठी तेज धूलभरी हवाओं ने रफ्तार दी थी। इस दौरान 56kmph की रफ्तार से आंधी चली।
रेतीले तूफान के कारण दिन में अंधेरा छा गया। हवा के साथ आई रेत घरों में भर गई। IMD ने पहले जैसलमेर में रेतीले तूफान का अलर्ट जारी किया, इसके बाद दोपहर 2 बजे बीकानेर और जयपुर में रेड अलर्ट दिया।
नौतपा में देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C से ऊपर पहुंच गया है। हाई टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं। इससे दाद, खुजली और रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते लक्षणों को पहचानकर बचाव के सही उपाय किए जाएं।मौसम विभाग ने बताया कि मानसून 4 जून तक केरलम पहुंच सकता है। हालांकि विभाग ने इस साल मानसून के सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान भी जताया है।
IMD के मुताबिक जून से सितंबर तक देश में औसतन सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इस बार मानसून सीजन में 78 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है। देश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत 87 सेंटीमीटर माना जाता है।
मौसम विभाग ने कहा कि बिहार, यूपी में सामान्य बारिश हो सकती है, लेकिन बाकी कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। खासकर बारिश पर निर्भर खेती वाले इलाकों में मानसून कमजोर रह सकता है।


