तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी मंगलवार को सेंट्रल कोलकाता में अपना दिन भर का धरना दे रही हैं। ये धरना उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हिंसा और फेरीवालों को हटाने के विरोध में हो रहा है।
कोलकाता पुलिस से परमिशन न मिलने के कारण आखिरी वक्त में वेन्यू बदल दिया गया। कोलकाता पुलिस से रानी रश्मोनी रोड पर विरोध प्रदर्शन की परमिशन नहीं मिलने के बाद ममता एस्प्लेनेड (धर्मतला) के Y-चैनल बस स्टॉप पर धरना देने पहुंचीं।
ममता के साथ कल्याण बनर्जी, डोला सेन और कुणाल घोष भी हैं। प्रदर्शन शुरू करने से पहले बनर्जी ने रेड रोड पर डॉ. BR अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्हें भारत के संविधान पर आधारित एक किताब हाथ में लिए हुए भी देखा गया।
बनर्जी ने एक मेगाफोन से भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मंच बनाने या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई। लेकिन मैं लड़ूंगी या मर जाऊंगी।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए TMC नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि आने वाले दिनों में वे और भी बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे। कल्याण बोले- मैं कोलकाता पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि आपकी सैलरी संविधान के तहत सरकारी खजाने से दी जाती है।
उन्होंने कहा- यह सुवेंदु अधिकारी नहीं हैं जो आपकी सैलरी देने के लिए शांतिनिकेतन से पैसे लाते हैं। इसलिए, अपने कर्तव्यों का पालन कानून और संविधान के अनुसार करें। समय बदलता है, और अपनी जिम्मेदारियों को निभाते समय हर किसी को यह बात याद रखनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए TMC नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि आने वाले दिनों में वे और भी बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे। कल्याण बोले- मैं कोलकाता पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि आपकी सैलरी संविधान के तहत सरकारी खजाने से दी जाती है।
उन्होंने कहा- यह सुवेंदु अधिकारी नहीं हैं जो आपकी सैलरी देने के लिए शांतिनिकेतन से पैसे लाते हैं। इसलिए, अपने कर्तव्यों का पालन कानून और संविधान के अनुसार करें। समय बदलता है, और अपनी जिम्मेदारियों को निभाते समय हर किसी को यह बात याद रखनी चाहिए।


