पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने नया खुलासा किया है। NIA के मुताबिक हमले में शामिल आतंकियों का 28 जुलाई को एनकाउंटर हुआ था। इनके पास से दो मोबाइल RedMi 9T (ऑरेंज) और दूसरा RedMi Note 12 (ब्लैक) बरामद हुए थे।
NIA के मुताबिक दोनों फोन की जानकारी निकाली गई। इसमें सामने आया कि मोबाइल 2021 और 2023 में चीन की कंपनी Xiaomi की सप्लाई चेन के जरिए पाकिस्तान पहुंचाए गए थे। RedMi 9T कराची की कंपनी Tech Sirat Pvt Ltd ने इम्पोर्ट कराकर कराची डिलीवर कराया था।
NIA ने बताया कि आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में हमले की प्लानिंग पहले से कर रखी थी। फोरेंसिक जांच के दौरान मोबाइल के नेविगेशन एप AlpineQuest में बैसरन की लोकेशन सेव मिली। साथ ही बैसरन घाटी के कई स्क्रीनशॉट भी मिले जो 15-16 अप्रैल को लिए गए थे। 22 अप्रैल को अटैक हुआ था।
NIA ने Redmi 9T मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर Xiaomi Global से संपर्क किया। मोबाइल की सप्लाई हिस्ट्री मांगी। कंपनी के रिकॉर्ड के मोबाइल 1 जनवरी 2021 को पाकिस्तान पहुंचे बड़े कंसाइनमेंट में शामिल था। कराची की कंपनी Tech Sirat Pvt Ltd ने इसे इम्पोर्ट कराया था।
रिकॉर्ड के मुताबिक कंसाइनमेंट की फंडिंग और लॉजिस्टिक व्यवस्था कराची की ही Faysal Bank ने की थी। डिलीवरी का पता भी बैंक के हेड ऑफिस St/02, Faysal House, Main Branch, Shahrah-e-Faisal, Karachi, Pakistan लिखा था। इस बैंक का नाम पहले भी आतंकवाद से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है।
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रतिबंधित आतंकी और अन्य संगठनों के अकाउंट इस बैंक में थे। हालांकि बैंक ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि प्रतिबंध लगते ही संबंधित खातों पर एक्शन लिया गया है।
NIA के मुताबिक डिलीवरी के 4 साल बाद यानी साल 2025 में मोबाइल एक्टिव हुआ। बाद में पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के पास मिला। अधिकारियों का मानना है कि यह महज संयोग नहीं है। इस फोन को शुरू से ही किसी खास मकसद के लिए अलग रखकर सुरक्षित रखा गया था और जरूरत पड़ने पर आतंकियों को सौंपा गया।


