तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने अपने आंदोलन ‘इधु नम्मा इयक्कम’ को शुरुआत में ही बड़ा जनसमर्थन मिलने का दावा किया गया है। अन्नामलाई के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के 10 घंटे के भीतर 10 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
अन्नामलाई ने इसे लोगों का आंदोलन बताते हुए कहा कि यह राज्य के भविष्य को लेकर साझा सोच और मिशन का प्रतीक है। उनका कहना है कि पहले इस आंदोलन को खड़ा किया जाएगा, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा और बाद में इसे राजनीतिक पार्टी में बदला जाएगा।
अन्नामलाई ने 2 जून को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसकी चिट्ठी शुक्रवार को सामने आई।
अन्नामलाई के समर्थन में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष करु नागराजन ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा- मैंने और कई भाजपा नेताओं ने अन्नामलाई का समर्थन करने का फैसला किया है।
अन्नामलाई ने भाजपा से इस्तीफा देने के बाद 5 जून को नई पार्टी बनाने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज में कहा, ‘आज हम अपना स्वतंत्र आंदोलन खड़ा कर रहे हैं। हमारी पार्टी तमिलनाडु में 2031 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।’
उन्होंने ‘We The Leaders’ नाम से नया प्लेटफॉर्म और wetheleader.org वेबसाइट भी लॉन्च की। इसके साथ ही कोयंबटूर में एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर इथिक्स एंड पॉलिटिक्स संस्थान भी स्थापित करने की घोषणा की है। अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं।
अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के IPS अधिकारी रहे हैं। नौकरी छोड़कर 2020 में भाजपा से जुड़े। पार्टी ने पहले प्रदेश उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष बनाया। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूती दी। वे आक्रामक राजनीति के कारण लोकप्रिय हुए। राज्य प्रमुख पद से हटाए जाने और एआईएडीएमके के साथ भाजपा के गठबंधन से नाराज थे।
तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव हुए। 4 मई को आए रिजल्ट में एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीटें मिलीं। TVK ने कांग्रेस और अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई।
DMK को 59 और AIDMK को 47 सीटों पर जीत मिली। AIADMK के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली भाजपा ने 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल कर सकी थी। चुनावी नतीजों के बाद से ही अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।


