पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती, सरकारी कर्मचारियों का DA 18% से बढ़ाकर 38% करने और महिलाओं के अन्नपूर्णा योजना पर ₹36 हजार करोड़ खर्च करने का ऐलान किया।
सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड ₹5,713 करोड़ से घटाकर ₹2,165.42 करोड़ कर दिया है। सरकार ने कहा कि उसे पिछली TMC सरकार से ₹8.15 लाख करोड़ का कर्ज मिला है। इसके बावजूद प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।
इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।
बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को आए थे। भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीत कर पहली बार राज्य में सरकार बना ली थी। 9 जनवरी को शुभेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद बंगाल सरकार ने BSF को फेंसिंग के लिए जमीन, जनगणना और धर्म धारित कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई फैसले लिए थे।
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस(TMC) में फूट अब तय है। विधानसभा के 80 में से 58 विधायकों के बगावत के बाद लोकसभा के बागी 19 सांसदों का लेटर शुक्रवार को सामने आया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक इसे 18 मई को लोकसभा स्पीकर को भेजा गया था और अलग गुट बनाने की मांग की गई है।


