बलरामपुर, 7 अगस्त। बहुचर्चित फिरोज़ अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में शुक्रवार को एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व सांसद रिज़वान जहीर, उनकी बेटी ज़ेबा रिज़वान और दामाद रमीज नेमत ख़ां को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका।
गौरतलब है कि 4 जनवरी 2022 को तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज़ अहमद उर्फ पप्पू की तुलसीपुर-जरवा मार्ग पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को हत्या की वजह मानते हुए पूर्व सांसद रिज़वान जहीर, उनकी बेटी ज़ेबा रिज़वान, दामाद रमीज नेमत ख़ां सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगाते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई पिछले कई वर्षों से एमपी-एमएलए विशेष अदालत में चल रही थी। इस दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे गए।
दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसी आधार पर रिज़वान जहीर, ज़ेबा रिज़वान और रमीज नेमत ख़ां को दोषमुक्त कर दिया गया।
अदालत के इस फैसले के बाद न्यायालय परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। वहीं, इस निर्णय को जिले की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कानून के अनुसार यदि राज्य सरकार या वादी पक्ष चाहे तो इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकता है।
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