ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। इस बार दोनों जंतर-मंतर के 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो प्रियंका संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर लेट गईं।
इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ता की सुरक्षाबलों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इससे पहले राहुल-प्रियंका विपक्षी सांसदों के साथ सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के बाद जंतर-मंतर के लिए निकले थे। लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया था। इस लंच में सपा के नेता नहीं पहुंचे।
एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। इस दौरान राहुल और प्रियंका को दो बार हिरासत में लिया गया। आकाशवाणी परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर BNSS की धारा 163 लागू है। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से सांसदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा, सांसद और उनके बसमर्थक तीन बसों में आ रहे हैं। हमें बताया गया है कि उनका गंतव्य जंतर-मंतर है। यहां BNSS की धारा 163 लागू है। बिना अनुमति के प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं है। चूंकि ये सभी सांसद हैं, इसलिए हमें इसका ध्यान रखना होगा। उनके साथ हमारा व्यवहार सम्मानजनक और उचित प्रोटोकॉल के अनुसार होगा। हम उनसे खुद ही यह जगह खाली करने का अनुरोध करेंगे।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “क्या यही तरीका है? आप देख सकते हैं कि ये क्या कर रहे हैं। INDIA ब्लॉक के सांसदों का कहना है कि पुलिस ने उनकी बस रोक दी है और उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।


