महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी: सौरव दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस के मेल पुलिसकर्मी फीमेल प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी कर रहे हैं। ऐसे कोई भी दरिंदे जो दिल्ली पुलिस में हैं, जिन्हें पैसों से भर्ती किया गया है उन्हें छोड़ना नहीं है।
पुलिस बर्बरता कर सकती है: सौरव दास ने कहा कि जब हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे तब पुलिस ने बर्बरता की। लोगों के सिर फोड़े, लड़कियों के साथ बदसलूकी की, पैलेट गन चलाई, बिहार में तो भाजपा सरकार ने एके 47 तक चला दी। हमें आशंका है कि इस बार दिल्ली में भी ये लोग ऐसा ही कुछ प्लान कर रहे हैं।
10 अक्टूबर को दिल्ली आने की अपील: मीडिया से बात करते हुए सौरव दास ने कहा कि सरकार को डर है कि अगर देश का युवा एकजुट हो गया तो इनकी खैर नहीं है। मैं अपील करता हूं कि 10 अक्टूबर को दिल्ली आएं।
लोकतंत्र बचाने के लिए विपक्ष एक साथ: नेहा बोरा ने कहा कि 4 अक्टूबर को इंडिया गेट से जंतर-मंतर मार्च में करीब 3000 लोग थे। लेकिन वहां मुझे एक प्राइवेट गाड़ी में अकेले बिठाया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने उस गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया।


