जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने प्रोफेसर और इनर मणिपुर से कांग्रेस लोकसभा सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को बर्खास्त कर दिया है।
यूनिवर्सिटी ने उन्हें 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का दोषी पाया। बर्खास्तगी तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी की इंटरनल कमेटी (IC) की जांच के निष्कर्षों के आधार पर की गई। IC ने बिमोल अकोइजाम के खिलाफ बड़ी सजा की सिफारिश की थी।
अकोइजाम को हटाने की कार्रवाई से पहले दिल्ली कमीशन फॉर विमेन (DCW) ने मामले पर JNU प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने 11 छात्राओं के आरोपों पर सितंबर में यह रिपोर्ट मांगी थी।
छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उन्होंने मई 2026 में JNU की वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित को प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दी थी।
छात्राओं का आरोप था कि उस समय उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। गुप्ता ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा था।
अकोइजाम को हटाने की कार्रवाई से पहले दिल्ली कमीशन फॉर विमेन (DCW) ने मामले पर JNU प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने 11 छात्राओं के आरोपों पर सितंबर में यह रिपोर्ट मांगी थी।
छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उन्होंने मई 2026 में JNU की वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित को प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दी थी।
छात्राओं का आरोप था कि उस समय उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। गुप्ता ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा था।
अंगोम बिमोल अकोइजाम जेएनयू (JNU) के प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। वे मणिपुर के रहने वाले हैं और राज्य के सामाजिक व मानवाधिकार मुद्दों पर लंबे समय से मुखर आवाज रहे हैं।
2023 में मणिपुर हिंसा के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बिमोल की सांसदी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है, क्योंकि कानून के मुताबिक सांसदी तभी रद्द होती है जब किसी आपराधिक मामले में अदालत कम से कम 2 साल की जेल की सजा सुनाए।
संसद में वे मणिपुर में शांति बहाली, पीड़ितों के पुनर्वास और पूर्वोत्तर के अधिकारों पर अपने तीखे व प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं।


