इलॉन मस्क ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं।
मस्क ने गुरुवार को X पर लिखा कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में सेवा देने की मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी पिछले पांच साल से भारत सरकार के हर कानून और जरूरी शर्त का पालन कर रही है। इसके बावजूद उसे भारत में लाइसेंस क्यों नहीं मिला है? क्या अंबानी देश के रियल बॉस हैं?
मस्क के सवाल पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए X पर लिखा- भारत में आपका स्वागत है, इलॉन। दूसरे शख्स के मिलने तक इंतजार कीजिए। राहुल गांधी के जवाब पर इलॉन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा- धन्यवाद, राहुल। यह वाकई परेशान करने वाला है।
राहुल गांधी का ‘द अदर गाय’ से इशारा उद्योगपति गौतम अडाणी की तरफ माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे अक्सर नरेंद्र मोदी सरकार, अडाणी और अंबानी पर सांठगांठ का आरोप लगाते रहते हैं।
मस्क इससे पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि भारत में कुछ बड़े कारोबारी स्टारलिंक की एंट्री रोककर बाजार पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
इलॉन मस्क ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारत के कुछ बड़े बिजनेसमैन नहीं चाहते कि स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट भारत आए, ताकि उनका एकछत्र राज बना रहे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं…’। यह भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है।
भारत सरकार ने मस्क के आरोपों को खारिज कर दिया है। सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए तय नियम सभी के लिए एक जैसे हैं। यह कहना बिल्कुल गलत है कि नियमों को किसी के साथ भेदभाव करने के लिए लागू किया जा रहा है।
सरकार ने कहा कि फिलहाल इन तीनों के लिए सुरक्षा समीक्षा की प्रोसेस चल रही है। जैसे ही किसी कंपनी की सुरक्षा जांच पूरी हो जाएगी, वह अगली स्टेप यानी स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग करने के लिए आगे बढ़ सकती है।
स्टारलिंक ने देशभर में 20 गेटवे साइट्स बनाई हैं। ये गेटवे जमीन पर बने स्टेशन हैं, जो अंतरिक्ष में मौजूद स्टारलिंक के सैटेलाइट्स को जमीन के मुख्य इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ते हैं। इन जगहों पर सैकड़ों एंटीना लगाए गए हैं ताकि इंटरनेट सिग्नल बिना किसी रुकावट के ट्रांसफर हो सकें।


