असम में जोरहाट के रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह 10 बजे लैंडिंग के दौरान वायुसेना का विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट समेत 5 जवानों की मौत हो गई। इनमें स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। एक को-पायलट घायल हो गया है।
हादसा उस समय हुआ, जब विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था। हादसे के बाद उसमें आग लग गई और दो हिस्से में टूट गया। यह AN-32 मालवाहक विमान था, जिसका इस्तेमाल सैनिकों और सामान की ढुलाई के लिए किया जाता है। हादसे की वजह सामने नहीं आई है।
इंडियन एयरफोर्स ने बताया कि विमान रुटीन उड़ान पर था। साथ ही अपील कि शुरुआती नतीजे आने तक कोई अंदाजा न लगाएं। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय वायुसेना अपने पुराने AN-32 और IL-76 मालवाहक विमानों को बदलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) खरीदे जाएंगे, ताकि भविष्य में सैनिकों, हथियारों और सैन्य सामान की ढुलाई की जरूरतें पूरी की जा सकें।
दानिश बिहार में भोजपुर के कोईलवर प्रखंड के कुल्हाड़ियां गांव के रहने वाले थे। वे अक्टूबर 2025 में अग्निवीर जवान के रूप में वायु सेना में भर्ती हुए थे। दानिश के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है। घर के इकलौते बेटे की असमय मौत से माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 30 मई को ड्यूटी पर लौटे थे। भारतीय वायु सेना के पास लगभग 100 एंटोनोव AN-32 टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट विमानों का बेड़ा है। हालांकि IAF ने शुरू में सोवियत मूल के ऐसे 125 प्लेन खरीदे थे, लेकिन अब एक्टिव-ड्यूटी प्लेन की संख्या लगभग 100 रह गई है।
AN-32 ने 1980 से IAF की मीडियम-लिफ्ट ट्रांसपोर्ट क्षमताओं की रीढ़ के तौर पर काम किया है। गर्म मौसम और हिमालय जैसे ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान इसकी मजबूती के कारण इसे काफी अहम माना जाता है।
असम में इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सुखोई के क्रैश हादसे में गुरुग्राम के स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ शहीद हो गए। अनुज मूल रूप से रोहतक के ककराना के रहने वाले थे। एक रिश्तेदार के मुताबिक अनुज की शादी तय हो गई थी। उनकी मंगेतर भी पायलट थीं, दोनों परिवार शादी की तैयारियों में लगे हुए थे।


