भाजपा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाया। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा- राहुल गांधी ने पिछले 22 साल में 54 विदेश यात्राएं की हैं। सितंबर 2025 में सीक्रेट यात्राएं भी की हैं।
उन्होंने दावा किया कि हर विदेश दौरे में राहुल के साथ 3-4 लोग भी जाते थे। इन यात्राओं पर कुल खर्च करीब ₹60 करोड़ बैठता है। राहुल के हलफनामे के मुताबिक पिछले 10 साल में उनकी घोषित आय ₹11 करोड़ रही, तो इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया, किसने फंडिंग की? राहुल फंडिंग का सोर्स बताएं।
इधर, कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री मोदी के पिछले 12 साल में 76 देशों के 96 दौरों की लिस्ट जारी की है। कांग्रेस ने X पोस्ट में लिखा- जनता की गाढ़ी कमाई, मौज-मस्ती पर उड़ाई।
इसी साल जनवरी में भाजपा ने दावा किया था कि राहुल वियतनाम दौरे पर गए हैं। आरोप लगाया था कि राहुल वियतनाम में भारत विरोधी लोगों के मेहमान बनकर देश के खिलाफ बोलेंगे।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा था कि राहुल विदेश जाकर भारत के खिलाफ जहर उगलने का काम करते हैं। उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि यह साफ किया जाए कि राहुल गांधी को विदेशों में कौन लोग और किन मकसदों से आमंत्रित करते हैं।
त्रिवेदी ने सवाल उठाया था कि जब कांग्रेस शासित राज्यों में भी राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर बुलावा नहीं मिलता, तो विदेशों में उन्हें कौन और क्यों आमंत्रित करता है। भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राहुल गांधी ने 18 दिसंबर को जर्मनी में बीजेपी पर भारतीय संविधान को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। राहुल ने कहा- बीजेपी संविधान की उस मूल भावना को खत्म करना चाहती है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देती है।


