CJP says: Release Sourav and Ashutosh; special court to deliver verdict today
CJP की लीगल टीम के मुताबिक, जमानतदार उपलब्ध नहीं होने के कारण सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब जमानतदारों के दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखे गए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को शनिवार को जमानत मिली थी। उन्हें 50 हजार रुपए का बेड बॉन्ड भी भरना पड़ा।
दीपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था। उन्हें शुक्रवार को कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले हिरासत में लिया गया था।
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था।
उस दिन सुबह सौरव दास व आशुतोष रांका को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था।
इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के तिरंगा मार्च को लेकर शनिवार को कम से कम 3 FIR दर्ज कीं। इनमें CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP नेताओं समेत कई लोगों के नाम हैं।
FIR कनॉट प्लेस और मंडी हाउस थानों में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रोक के आदेश तोड़ने, सड़क के बीच मार्च करने और पुलिस का काम रोकने का आरोप लगाया है।


