NEET पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर दूसरी बार प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने थाली बजाकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में गो-प्रधान-गो के नारे लगाए।
पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके मंच पर गांधी और अंबेडकर की फोटो लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह प्रोटेस्ट खत्म नहीं करेंगे और कल तक बैठे रहेंगे। चाहे लाठी खाना पड़े या गिरफ्तारी हो यहां से नहीं हटेंगे।
हालांकि पुलिस प्रशासन ने परमिशन शनिवार शाम तक के लिए ही दी है। CJP ने स्टेज पर NEET पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स के पोस्टर भी लगाए हैं।
दीपके ने शुक्रवार को पीएम मोदी को पत्र लिखकर सुसाइड करने वाले NEET स्टूडेंट्स के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की थी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी मांगा है।
इससे पहले अभिजीत ने 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया था। CJP अब तक पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर में भी प्रदर्शन कर चुकी है।
देश का माहौल युवाओं के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। री-एग्जाम होने के बावजूद स्टूडेंट्स के सुसाइड नहीं रुके हैं। सरकार को असल समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
जो भी राजनीतिक नेता छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और मानते हैं कि पेपर लीक देश की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है, उन्हें छात्रों के समर्थन में आगे आना चाहिए। दीपके ने कहा कि उनकी राहुल गांधी से कोई बातचीत नहीं हुई है।
नेताओं के पास विधायकों और सांसदों को अपने पक्ष में करने के लिए पैसा है, लेकिन छात्रों के परिवारों की मदद के लिए नहीं। एक NEET छात्रा ने आत्महत्या की, लेकिन उसके परिवार को कोई सहायता नहीं मिली।
शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे कारोबार में बदलती जा रही है और जनप्रतिनिधि सरकारी स्कूलों को मजबूत करने की बजाय निजी संस्थान चलाने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
देश में पिछले 38 दिनों में NEET एग्जाम से जुड़े 14 छात्र-छात्राएं सुसाइड कर चुके। इंदौर में NEET की तैयारी कर रही छात्रा गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरी। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है।


