vइसी तरह चार मई को भी कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी ओलावृष्टि व तूफान की चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति और चंबा को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। इस दौरान कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेगी। IMD के मुताबिक पांच, छह व सात मई को भी बारिश जारी रहेगी।
प्रदेश में बीते गुरुवार को भी ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है। शिमला के फागू, कुफरी व आसपास के क्षेत्रों में इससे सेब की फसल तबाह हो गई है, साथ में एंटी हेल नेट, बांस और सेब के पेड़ बीच से दोफाड़ (टूट) हो गए। ओलावृष्टि से बागवानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। चिंता इस बात की है कि अगले 5 दिन भी बारिश व ओलावृष्टि से राहत के आसार नहीं है।
फागू निवासी बागवान सुभाष ने बताया कि उनके बगीचे में अधिकांश सेब के पेड़ ओलावृष्टि के कारण तबाह हो गए हैं। एंटी हेल नेट फट चुके हैं। इन्हें लगाने के लिए लगाए गए बांस भी टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि के एंटी हेल नेट पर जमने से सेब के पेड़ बीच से ही फट गए हैं।


