अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के इकलौते जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश ने कहा, ‘मैं खुद को सबसे भाग्यशाली मानता हूं, लेकिन हर दिन शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजर रहा हूं।” 39 साल के विश्वास अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट के मलबे से सुरक्षित निकले थे।
उन्होंने बताया, “मैं पत्नी-बेटे से बात नहीं कर पाता। रात में कई बार डरकर उठ जाता हूं।” विश्वास अभी यूके के लेस्टर में अपने परिवार पत्नी और 4 साल के बेटे के साथ रह रहे हैं।
दरअसल, 12 जून को एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 क्रैश हो गई थी। हादसे में प्लेन में सवार 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर समेत 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जहां विमान गिरा था, वहां मौजूद 29 लोग मारे गए थे।
विश्वास ने बताया, “मुझे पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर है। हादसे के बाद का समय मेरे और परिवार के लिए बहुत मुश्किल रहा है। मां पिछले चार महीने से हर दिन दरवाजे के बाहर बैठती हैं, किसी से बात नहीं करतीं।”
“मैं रातभर सोचता रहता हूं, मानसिक रूप से पीड़ित हूं। हर दिन परिवार के लिए दर्द भरा है। अब हालत यह हो गई है कि जब पैदल चलता हूं तो काफी धीरे-धीरे चल पाता हूं, मेरी पत्नी सहारा देती है।”
“पैर, कंधे, घुटने और पीठ में लगातार दर्द के कारण मैं काम नहीं कर पा रहा हूं। गाड़ी भी नहीं चला पाता हूं। कभी लगता है कि मैं आगे भी काम नहीं कर पाऊंगा। तब मेरा क्या होगा।”
“भाई के जाने से एक गहरा खालीपन आ गया है। मैंने भी अपने भाई को खो दिया। मेरा भाई ही मेरी रीढ़ था। पिछले कुछ सालों में उसने हमेशा मेरा साथ दिया है।” हादसे में अपने छोटे भाई अजय को खो दिया, जो फ्लाइट में कुछ सीटों की दूरी पर बैठा था। जब वे यूनाइटेड किंगडम (यूके) लौटे हैं, उसके बाद से ही उन्हें ठीक तरह से कोई चिकित्सा उपचार नहीं मिल पाया।
विश्वास के वकील रैड सीगर ने बताया कि एअर इंडिया ने परिवार को 21,500 पाउंड (करीब 22 लाख रुपए) का अंतरिम मुआवजा दिया है, लेकिन यह रकम उनके मानसिक और शारीरिक इलाज के लिए बहुत कम है।
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) भी उन्हें जरूरी विशेष चिकित्सा सहायता नहीं दे पा रही है। विश्वास की हालत बेहद नाजुक है। वकील सीगर ने एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन से मुलाकात कर परिवार की आर्थिक मदद के लिए विशेष राहत पैकेज देने की अपील की है।


