ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होते नहीं दिख रही हैं। विधायक और सांसद लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं। इस बीच, उनके सबसे करीबी सांसद कल्याण बनर्जी की भी गुरुवार को नाराजगी सामने आई।
उन्होंने कहा कि ममता दीदी को तय करना होगा कि वे मेरे साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। अभिषेक को सीनियर नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत अहंकारी हैं। इसी वजह से पार्टी बर्बाद हुई है। इधर, TMC के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिनों में 13 में से तीन राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर जा चुके हैं। 10 जून को सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था।
8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी छोड़ी थी। इससे पहले TMC की बागी सांसद काकोली घोष ने दावा किया था कि 20 लोकसभा सांसद अलग गुट बना चुके हैं। वहीं, बंगाल के 80 में से 58 TMC विधायक अलग गुट बना चुके हैं।
इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रकाश चिक ने कहा- पश्चिम बंगाल में लोगों का फैसला भाजपा के पक्ष में था। पार्टी ने वहां सरकार बनाई। मेरे अपने चुनाव क्षेत्र में हम एक भी सीट नहीं जीत पाए। उत्तर बंगाल में भी नतीजे अच्छे नहीं रहे।
इस जनादेश को देखते हुए मुझे लगा कि अब मेरे पद पर बने रहना ठीक नहीं है। इसलिए, मैंने अपने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। आगे इंतजार कीजिए, समय के साथ सब सामने आएगा। मैं अभी बूढ़ा नहीं हूं। भविष्य में मैं क्या करूंगा, यह समय ही तय करेगा।
TMC के बागी 20 सांसदों के नाम अब तक सामने नहीं आए हैं। सांसद और बागी नेता काकोली घोष ने 8 जून को दावा किया था कि 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। स्पीकर ओम बिरला को इनके समर्थन की चिट्ठी दे दी गई है।
इसके बाद काकोली ने कुछ बागी सांसदों के साथ केंद्रीय मंत्री और भाजपा के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात और बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ दिल्ली में बैठक भी की थी।
इसके बाद 10 जून को एक लिस्ट भी सामने आई जिसमें सायोनी घोष, यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा समेत 19 सांसदों के नाम थे। हालांकि 11 जून को शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि वह ममता और टीएमसी के साथ हैं, क्योंकि उन्होंने मेरे बुरे वक्त में साथ दिया था।


