पीएम मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ समारोह में 98 साल के कार्यकर्ता माखनलाल सरकार से मुलाकात की। मोदी ने मंच पर पहुंचते ही माखनलाल को गले लगाया, अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
माखनलाल बंगाल के सबसे बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ता हैं। 74 साल पहले 1952 में वे जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में तिरंगा फहराने के आंदोलन में भी शामिल हुए। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वे आजादी के बाद राष्ट्रवादी आंदोलन में भी शामिल रहे।
सिलीगुड़ी में भाजपा को खड़ा किया, एक साल में 10 हजार नए सदस्यों को जोड़ा
भाजपा के गठन के बाद 1980 में माखनलाल सरकार को पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठनात्मक समन्वयक बनाया गया। वे संगठन की सिलीगुड़ी जिला शाखा के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने सिलीगुड़ी में गो-हत्या बंद कराई।
1981 से लगातार सात साल तक वे जिला अध्यक्ष रहे। उस दौर में किसी नेता का लंबे समय तक एक ही संगठनात्मक पद पर बने रहना बड़ी उपलब्धि माना जाता था।
एक साल में 10 हजार नए सदस्यों को संगठन से जोड़ा। सिलीगुड़ी सीट पर उन्होंने ही शंकर घोष की उम्मीदवारी का फैसला किया था। वे कहते हैं- अगर मैं ऐसा नहीं करता तो सिलीगुड़ी में भाजपा की जीत संभव नहीं थी।
भाजपा आज जिस “बंगाल निर्माण” की बात करती है, उस सपने को माखनलाल सरकार ने दशकों पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर देखा था।
माखनलाल की पत्नी पुतुल सरकार ने बताया कि वह बहुत खुश हैं और भावुक हैं। उन्होंने कहा- ‘हमारा पति इतना बड़ा सम्मान पाया, देखकर अच्छा लगा।’ उन्होंने कहा, ‘वह 16 साल की उम्र से ही RSS के साथ जुड़ गए थे। सुबह-सुबह वह शाखा के लिए जाते थे। फिर बीच में कभी समय मिला तो नाश्ते-खाने के लिए आते थे, फिर निकल जाते थे। उनके इतने वर्षों के संघर्ष को जब आज मंच पर सम्मानित किया गया तो हमें बहुत खुशी मिली।’
माखनलाल के परिवार की बहू मीनू सरकार ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि माखनलाल सरकार ने दशकों तक पार्टी और विचारधारा के लिए काम किया। परिवार ने उनके कई त्याग और संघर्ष देखे हैं।
परिवार ने बताया कि 98 साल की उम्र में भी माखनलाल बेहद सादा जीवन जी रहे हैं। BJP नेताओं ने भी उन्हें पार्टी के समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं में शामिल बताया।
माखनलाल के बड़े बेटे माणिक सरकार ने बताया कि उनके बाबा को एक समय राष्ट्रगान गाने के कारण भी गिरफ्तार किया गया था। उस समय RSS पर प्रतिबंध लगा हुआ था।


