पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बदलते ही पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्रोफाइल बदल दिया। उन्होंने बायो में लिखा, ‘फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और 15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री।
इससे पहले उनके बायो में फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, ऑनरेबल चीफ मिनिस्टर,वेस्ट बंगाल लिखा था।
बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद ममता ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इनकार कर दिया। ममता ने इस्तीफा नहीं दिया। 7 मई को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है। इसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी थी
2021 में 17वीं विधानसभा का चुनाव जीतकर ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं थीं। वे 2011 से लगातार सत्ता में रहीं। हालांकि, अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है। ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने कुल 293 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतीं। जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट गई। बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा।
सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद सुवेंदु, पीएम के पास गए और उन्हें झुककर प्रणाम किया।
बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने सुवेंदु के अलावा 5 और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल रहे।


