पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।
ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी।
ममता ने आरोप लगाया- भाजपा ने काउंटिंग सेंटरों पर कब्जा कर लिया था। मेरे साथ बदसलूकी की। उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के साथ अत्याचार किया। ममता ने कहा- पार्टी और इंडिया गठबंधन के नेता मेरे साथ हैं। हम फिर से उभरेंगे और शेर की तरह लड़ेंगे।
पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं। बंगाल में भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीत ली हैं। पार्टी 9 मई को राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। TMC सिर्फ 80 सीटें जीत सकी। 15 साल बाद ममता के हाथ से सत्ता चली गई है।
पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, असम, केरलम और पुडुचेरी विधानसभा के रिजल्ट भी आ गए हैं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल के अलावा तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं।
तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें DMK या AIADMK नहीं होगी। दो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एमके स्टालिन अपनी सीट से चुनाव हार गए।गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे।
बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है।


