15 दिन से छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर अटके मानसून की दंतेवाड़ा के रास्ते में राज्य में एंट्री हो गई है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम ने मानसून को आगे बढ़ने में मदद की है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में तेज बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। अगले कुछ दिनों में यह राज्य के बाकी जिलों को भी कवर कर लेगा।
तमिलनाडु के थूथूकोडी में रविवार को बवंडर आया। पहले इसे टॉरनेडो बताया गया था। लेकिन IMD ने सोमवार को पुष्टि करते हुए कहा कि थूथुकुडी की घटना लोकल कन्वेक्टिव वॉर्टेक्स यानी धूल का बवंडर थी।
रविवार को मेघालय में भारी बारिश हुई। खासी हिल्स जिले के मॉसिनराम में 24 घंटे में 530 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी एक रात में यहां जितनी बारिश हुई, उतनी जोधपुर-बीकानेर में 6 महीने में होती है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को ओले गिरे। वहीं, एमपी के 5 जिलों में आज हीटवेव का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में लू चल सकती है।
दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर ट्रफ लाइन मौजूद थी। लो प्रेशर के कारण थूथुकुडी में गरज-चमक वाले क्यूम्यूलोनिंबस बादल बने। ऊपर की ओर उठ रही तेज हवाओं से एयरपोर्ट के आसपास धूल उड़ने लगी।
फोटो-वीडियो में जो फनल जैसी संरचना दिखाई दे रही है, वह सीबी क्लाउड के नीचे चलने वाली ताकतवर हवा थी। इसने हवा का एक लंबा खंभे जैसी घूमती हुई आकृति बनाई, जो बादलों तक जाती दिख रही थी।
उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में तापमान 40-42°C के बीच है। तेलंगाना, बिहार, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग इलाकों में भी तापमान इसी रेंज में है।
विदर्भ के 8 जिलों में लगातार गर्मी के कारण रातें भी गर्म हो रही हैं। यहां रात में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
इधर, उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म रहा। यहां पारा 42.6 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा कानपुर, वाराणसी, बहराइच और प्रयागराज में भी पारा 42 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। राजस्थान के श्रीगंगानगर और हरियाणा के रोहतक में भी पारा 42 डिग्री से ऊपर रहा।
इधर, देश में मानसून की बारिश के रिकॉर्ड के 126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून बीत रहा है। 21 जून तक 57.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 42.2% कम है।
इससे पहले 2009 में पूरे जून में कोटे से 49% कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। इससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में खेती पर बुरा असर पड़ा था।
प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिव है। रविवार को बीकानेर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में सुबह से शाम तक बारिश हुई। जयपुर और चुरू में 1 इंच तक बारिश दर्ज की गई। इस दौरान श्रीगंगानगर में ओले भी गिरे। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को 17 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है।मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू) और गर्मी वाला मौसम रहेगा। मानसून की एंट्री 25 जून के बाद हो सकती है। अगले 4 दिन तक जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन में गर्म हवाएं चलेंगी, जबकि शाम के बाद आंधी-बारिश होने का अनुमान है।


