शरद पवार ने मंगलवार को पश्चिम एशिया संकट पर पीएम नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित के मामलों में सभी दलों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है।
पवार ने X पर लिखा- पीएम मोदी ने जनता से सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल कम खर्च करने की अपील की है। इससे अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है। इन घोषणाओं से आम लोगों और कारोबारियों में बेचैनी बढ़ी है।
ज्वेलरी काउंसिल का कहना है कि पीएम को उनसे बात करनी चाहिए थी। पीएम की अपील से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा।
दरअसल, पीएम मोदी ने लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की।
महाराष्ट्र स्वर्णकार सराफा महामंडल के अध्यक्ष पुरुषोत्तम कवाले ने कहा देशभर के ज्वेलर्स में चिंता बढ़ गई है। इतना बड़ा फैसला लेने से पहले ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल और महाराष्ट्र बोर्ड से चर्चा होनी चाहिए थी। सरकार को पहले हमारी राय लेनी चाहिए थी।
कवाले ने कहा- अगर कारोबार बंद हुए तो जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार इन लोगों को रोजगार देगी? ऐसी कोई गारंटी नहीं है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्छीगर ने कहा कि हम देश के साथ हैं और ‘नेशन फर्स्ट’ में भरोसा रखते हैं। लेकिन ज्वेलरी कारोबार से छोटे और मझोले स्तर के लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। सरकार को फैसला लेते समय इनके रोजगार और आगे पड़ने वाले असर का भी ध्यान रखना चाहिए।
राहुल गांधी ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अपीलों पर पलटवार किया था। उन्होंने इसे नाकामी करार दिया था। उन्होंने कहा था कि अब देश चलाना प्रधानमंत्री के बस में नहीं रह गया है।
X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा था- ‘कल मोदी जी ने जनता से त्याग मांगा। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम इस्तेमाल करो, खाद और खाने के तेल का उपयोग घटाओ, मेट्रो से चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं हैं। ये विफलता हैं।’ 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है। क्या खरीदें, क्या नहीं। कहां जाए, कहां नहीं।’


