लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोक रही है। सरकार व्यवस्था लागू करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना है।
दिल्ली में हो रहे कांग्रेस का ‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ के अधिवेशन में राहुल ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे।
छात्र परेशान थे और अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। सरकार को समझ आ गया है कि लोग अब चुप नहीं रहेंगे।
रचनात्मक कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में शुरू हुआ था। इसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अकादमिक जगत, कलाकारों, समुदाय प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
पहले दिन अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी और असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, अधिकार, संस्कृति और शोध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे।
राहुल गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट में कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बर्बाद है। हर सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए।


