फरीदाबाद में पिछले करीब छह साल से अधूरा पड़ा राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम अब एक बार फिर चर्चा में है। नगर निगम ने निर्माण कार्य में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए गुजरात की कंपनी रंजीत बिल्डकान लिमिटेड को अंतिम चेतावनी जारी की है। वहींं 11 मई को स्थानीय निकाय के अधिकारियों की एक टीम के द्वारा स्टेडियम का निरीक्षण किया जाएगा।
निगम द्वारा एजेंसी रंजीत बिल्डकान लिमिटेड को एक नोटिस जारी किया है। जिसमें कंपनी को तीन दिन के अंदर स्टेडियम में ग्राउंड को तैयार करने के आदेश जारी किए है। निगम ने साफ शब्दों में कंपनी का कहा कि वो काम शुरू करे। निगम के अनुसार स्टेडियम का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। कंपनी अगर काम शुरू नही करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाही की जाएगी।
बडखल से बीजेपी विधायक धनेश अदलखा ने कहा कि स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय मैच कराने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर निगम कमीश्नर से बात कर ली गई है। जल्द ही निगम के अधिकारियों की एक टीम निरीक्षण कर काम का आकलन करेगी।
फरीदाबाद के एनआईटी में बने राजा नाहर सिंह के नाम से किक्रेट खेल स्टेडियम को 1981 में बनाया गया था। उस समय इसमें 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसके निर्माण की तारीख से लेकर 37 सालों में अभी तक महज 8 इंटरनेशनल मैच ही यहां पर हो पाए हैं। इस स्टेडियम में आखरी मैच साल 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था, जो एक दिन का वन-डे मैच था।
स्टेडियम की स्थिति काफी खराब होने के चलते साल इसे नए सिरे से बनाने की योजना बनाई गई थी। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। जिसे लेकर नगर निगम ने 135 करोड़ रूपए का बजट तैयार किया, लेकिन सरकार ने उसमें से 115 करोड़ रूपए को ही मंजूरी दी। जिसके बाद जनवरी 2019 में स्टेडियम को नई तकनीकी से बनाने का काम शुरू कर दिया गया।
साल 2020 तक स्टेडियम का काम ठीक चलता रहा, लेकिन साल के बीच में आकर निमार्ण कर रही कंपनी ने काम बंद कर दिया।


