तेलंगाना के नलगोंडा में 48 साल की स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रूपा के आखिरी फोन कॉल में ‘बाबू’ शब्द के इस्तेमाल से 2 छात्रों का सुराग मिला। इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी चोरी के इरादे से प्रिंसिपल के घर घुसे थे। रूपा रेड्डी कोंडामल्लेपल्ली के नागार्जुन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर थीं।
12 अगस्त की सुबह वह अपने घर में मृत मिली थीं। उनके शरीर पर चाकू से 27 वार किए गए थे। आरोपियों के पास से रूपा का मोबाइल और ढाई लाख रुपए कैश बरामद हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्रों ने हत्या से करीब 5 दिन पहले चोरी की योजना बनाई थी। उन्होंने रूपा रेड्डी के घर की रेकी की। पहचान छिपाने के लिए चाकू, दस्ताने और मंकी कैप खरीदी।
वारदात वाले दिन एक छात्र मंकी कैप और दस्ताने पहनकर घर में घुसा। उसने बेडरूम में रखे करीब 2.50 लाख रुपए देखे और उन्हें लेकर भागने लगा। इसी दौरान उसकी मंकी कैप सिर से खिसक गई और रूपा रेड्डी ने उसे पहचान लिया।
पुलिस के मुताबिक, पहचान सामने आने के डर से आरोपी ने रूपा रेड्डी पर चाकू से 27 बार वार किए। इसके बाद दोनों छात्र पैसे लेकर वहां से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, हत्या से कुछ देर पहले प्रिंसिपल अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने ‘बाबू’ शब्द का इस्तेमाल किया था। तेलंगाना में यह शब्द लड़कों या युवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस ने बताया कि रूपा अपने स्कूल के कुछ छात्रों को ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं। जांच आगे बढ़ी तो 10वीं के दो छात्रों पर शक गहराया और पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल की। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने खून से सने कपड़े और मंकी कैप जमीन में दबा दी। इसके बाद दोनों गोवा भी गए थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.54 लाख रुपए नकद, एक आईफोन, रूपा रेड्डी का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने वारदात से पहले ऑनलाइन जल्दी पैसे कमाने के तरीके खोजे थे।


