महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। एग्जाम रविवार को होना था। महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने इसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी है। नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, पेपर लीक की सूचना के बाद ठाणे के भिवंडी इलाकों के कई जगहों पर छापेमारी की। इसके बाद एग्जामिनेशन काउंसिल के अफसरों को बुलाया और जब्त पेपर को वेरिफाई कराया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि संख्या नहीं बताई है। यह कार्रवाई एग्जाम के 24 घंटे पहले की गई। परीक्षा में 4.28 लाख ज्यादा उम्मीदवार शामिल होने वाले थे। महाराष्ट्र में टीचर बनने के लिए या जो पहले से सरकारी टीचर हैं, उनके लिए भी TET कंपलसरी है।
पिछले 5 साल में देश में 10 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इनमें राजस्थान रीट (REET), यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और हाल ही में मई 2026 में हुए नीट यूजी (NEET-UG) जैसे बड़े एग्जाम्स शामिल हैं।
टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं। इस परीक्षा को नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (NCTE) ने 2010 में अनिवार्य कर दिया था। केंद्र सेंट्रल TET और राज्य स्टेट TET करवाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 2 सितंबर कहा था कि शिक्षकों को सेवा में बने रहने या प्रमोशन के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास करना जरूरी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा था कि जिन शिक्षकों की नौकरी 5 साल से ज्यादा बची है, वे सभी इस नियम के दायरे में होंगे।
कोर्ट ने TET पास करने की समय सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। टीईटी पास न करने वालों को या तो इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए ये निर्देश दिए।


