NEET पेपर लीक में CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डॉ मनोज शिरुरे ने बेटे के लिए RCC कोचिंग के संचालक और आरोपी शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ से गेस पेपर खरीदे थे।
सीबीआई ने बुधवार को पुणे में पूछताछ के बाद अरेस्ट कर लिया। जानकारी आज सामने आई है। इस मामले में किसी पेरेंट्स की यह पहली गिरफ्तारी है।
NEET पेपर लीक में यह 11वीं गिरफ्तारी है। इससे पहले महाराष्ट्र से 6, राजस्थान से 3 और हरियाणा से एक व्यक्ति को अरेस्ट किया। इनमें 2 महिलाएं भी हैं।
उधर, इस मामले में लगातार नए खुलासे भी हो रहे हैं। CBI जांच में पता चला है कि शिवराज लातूर में 8 एकड़ जमीन पर स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी में था।
RCC कोचिंग के संचालक शिवराज लातूर के खोपेगांव शिवार में 8 एकड़ जमीन पर स्कूल-कॉलेज खोलने की तैयारी में था। वहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण तेजी से चल रहा था। CBI उसके फंडिंग स्रोत, जमीन खरीद और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। एजेंसी ने उसकी पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शुभम खैरनार की CBI रिमांड 5 दिन बढ़ा दी गई। कोर्ट ने मनीषा मांढरे और मोटेगांवकर के हस्ताक्षर के नमूने लेने की भी अनुमति दी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को नीट के दोबारा पेपर की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने फर्जी टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़े भ्रामक दावे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया।


