IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा कि मेरे लिए भगोड़े शब्द का इस्तेमाल मीडिया की तरफ से किया गया। मेरे खिलाफ आज तक कोई केस नहीं है।
न्यूज एजेंसी ANI को गुरुवार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं बिल्कुल भी नहीं भाग रहा हूं। मैं पूरी दुनिया में घूम रहा हूं। अगर मैं भाग रहा होता, तो आप मुझे कहीं न कहीं पकड़ ही लेते। भारत सरकार की पहुंच बहुत लंबी है। आप भारत सरकार से पंगा नहीं ले सकते। और मेरा ऐसा कोई इरादा भी नहीं है।
IPL को लेकर उन्होंने कहा कि मैं इसको लेकर हमेशा से पैशनेट रहा। आखिरकार IPL मेरे बच्चे जैसा है। मैं भले ही उससे जुड़ा हूं या नहीं, मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरे पिता अच्छे बिजनेसमैन थे, लेकिन आज मेरे परिवार को ललित मोदी की वजह से जाना जाता है।
तभी मुझे शशि थरूर का कॉल आया। उन्होंने कहा, ‘ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो। वह मेरी बहुत अच्छी दोस्त हैं।’ मैंने पूछा, ‘क्यों?’ तो उन्होंने कहा, ‘अगर तुमने पूछा, तो मैं सुबह तुम्हारे यहां छापा पड़वा दूंगा।’ तभी मैंने कहा, ‘भाड़ में जाओ। तुम खुद को समझते क्या हो? तुम भले ही भारत के विदेश मंत्री हो, लेकिन दोबारा कभी मुझसे ऐसी बात कहने की हिम्मत मत करना। मैंने जोर से फोन पटक दिया और कहा कि मैं साइन नहीं करूंगा। हालांकि, बाद में तत्कालीन BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर ने देर रात फोन करके जबरदस्ती साइन करने पर मजबूर किया।
बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे ‘गोल्ड डिगर’ (पैसे के लिए रिश्ता रखने वाली) के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज की पेमेंट करती थीं। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रही हैं।


