राहुल गांधी ने रविवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द नहीं हुई, CBI ने जांच बिठाई। बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को पीएम मोदी बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं।’
राहुल ने आगे लिखा- NEET 2026 का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफा नहीं दिया। CBI फिर जांच कर रही है। मोदी जी देश आपसे सवाल पूछ रहा है- जवाब दो, बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? बार-बार इस ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर आप चुप क्यों हैं?
इधर, पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 9वीं आरोपी को CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा को दिल्ली में CBI हेडक्वार्टर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था।
एजेंसी का दावा है कि मंधारे NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं। वह जानती थीं कि एग्जाम में कौन से सवाल आएंगे। उसने एग्जाम से पहले पुणे में स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई। वहां छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के सवाल नोट करवाए थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि मंधारे ने पुणे से गिरफ्तार ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए NEET देने वाले स्टूडेंट्स को अपने कोचिंग में एडमिशन दिलाया था। CBI ने इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने रविवार को नांदेड़ में एक आरोपी के फ्लैट पर छापा मारा है।
CBI के मुताबिक मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे ने छात्रों और उनके पेरेंट्स से लीक पेपर देने के बदले लाखों रुपए लिए। बाद में मनीषा वाघमारे ने अपने कॉन्टेक्ट्स के और लोगों तक पेपर पहुंचाए। मनीषा वाघमारे 14 मई को गिरफ्तार हुई थी।
मनीषा वाघमारे और पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के आधार पर ही मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी हुई है। कुलकर्णी लातूर का केमिस्ट्री प्रोफेसर है और कई सालों तक NEET पेपर सेटिंग से जुड़े पैनल का हिस्सा था।
एजेंसी के मुताबिक कुलकर्णी ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने घर पर स्पेशल क्लास लेकर छात्रों को वे सवाल, ऑप्शन और जवाब बताए थे, जो बाद में एग्जाम में आए।


