तमिलनाडु में विजय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में गुरुवार को फिर विवाद हो गया। कांग्रेसी विधायक राजेश कुमार ने शपथ के दौरान ‘कामराज अमर रहें’, ‘राजीव गांधी अमर रहें’ और ‘जननायक राहुल गांधी जिंदाबाद’ कहा। इस पर गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने टोक दिया। गवर्नर ने कहा- ये आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है।
वहीं, दूसरा विवाद तमिल गीत बजाने को लेकर भी हुआ। समारोह में तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ सबसे आखिर में बजाया गया। पिछली सरकारों में ये हमेशा पहले बजाया जाता था।
तमिलनाडु में CM विजय की कैबिनेट का विस्तार हुआ, जिसमें 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दो कांग्रेस के विधायक भी शामिल हैं।
किलियूर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक दल के नेता एस राजेश कुमार ने शपथ मंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने ‘कामराज अमर रहें’, ‘भारत रत्न राजीव गांधी अमर रहें’ और ‘जननायक राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
इस पर राज्यपाल ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है।’ राजेश कुमार भी मुस्कुराए और इसके बाद शपथ दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने चले गए।
शपथ समारोह की शुरुआत में सबसे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और फिर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया। सबसे आखिर में तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ बजाया गया। 10 मई को विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान भी यही क्रम अपनाया गया था, जिसके बाद विपक्ष और सहयोगी दलों ने नाराजगी जताई थी।
विवाद बढ़ने के बाद विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में सभी सरकारी कार्यक्रमों में तमिल गान सबसे पहले बजाया जाएगा। पार्टी ने उस समय कहा था कि केंद्र सरकार के एक सर्कुलर के कारण यह क्रम बदला गया।
कांग्रेस 59 साल बाद सरकार का हिस्सा बनी है। इससे पहले 1952 से 1967 तक तमिलनाडु (तब मद्रास राज्य) में कांग्रेस की सरकार रही थी। सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम इस दौरान मुख्यमंत्री रहे। 1967 में DMK के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया, लेकिन सरकार में शामिल नहीं हुई।


