सानिया शिशु विद्या मंदिर के बच्चों द्वारा किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम को भक्तों ने खूब सराहा
बल्लभगढ़(श्याम सुंदर मित्तल) जन्माष्टमी के पावन पर्व पर श्री सियाराम हनुमान मंदिर के प्रांगण को आकर्षक ढंग से सजाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की मालाओं और मनमोहक झांकियों से सजे मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। सुबह से ही मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी शुरू हो गई ओर शाम होते होते मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर समिति की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण के भजनों से मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सुनील गोयल(बाबा) विजय ट्रांसपोर्ट ने आरती करके की। इसके बाद स्नेह शिशु विद्या मंदिर के बच्चों ने राधा-कृष्ण,भोले बाबा, मां भवानी की वेशभूषा में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कलाकारों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी और गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों पर आधारित नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस मौके पर मुख्य अतिथि सुनील गोयल ने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि इन छोटे-छोटे बच्चों ने इतना अच्छा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके एक अनोखी मिसाल कायम की है और आने वाली युवा पीढ़ी को भक्ति का मार्गदर्शन दिया है। मुख्य अतिथि ने बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनको पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।
मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां भी सजाई गईं। श्रद्धालुओं ने झांकियों का अवलोकन किया और मोबाइल कैमरों में उनकी तस्वीरें कैद कीं। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।
देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और पूजा-अर्चना की गई। जन्मोत्सव के साथ ही मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान को माखन-मिश्री और अन्य भोग अर्पित कर प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजक श्री सियाराम हनुमान मंदिर सभा के प्रधान राजीव गोयल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश से परिचित कराना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वेद मंगला, श्री कृष्ण मित्तल, मुकेश बंसल, जगमोहन मंगला, गोविंद गोयल, अमन गर्ग, दीपक गर्ग, राकेश गर्ग ( मास्टर जी),ललित गोयल व मंदिर के सभी कार्यकर्ताओं ने अपना सहयोग किया।


