पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान कई विधानसभा सीटों पर हिंसा और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। नादिया जिले के छपरा में भाजपा एजेंट ने TMC कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया। वहीं, शांतिपुर में भाजपा कैंप पर भी हमला हुआ।
बीजपुर में निर्दलीय प्रत्याशी और काउंसलर के बीच मारपीट हो गई। श्यामपुकुर में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ प्रदर्शन किया। BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने TMC कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है। नादिया जिले की छपरा विधानसभा सीट के हतरा पंचायत में BJP पोलिंग एजेंट मुशर्रफ मीर ने TMC के कार्यकर्ताओं पर सुबह करीब 5.30 बजे पर रॉड और बंदूकों से हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनका इलाज चल रहा है और सिर पर छह टांके लगे हैं।
बीजपुर में TMC पार्षद और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच मारपीट हो गई। कांचरापाड़ा नगर पालिका के पार्षद कल्याण कर पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में खड़े थे बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवार से उनकी बहस शुरू हो गई। इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी और TMC पार्षद के बीच मारपीट हो गई। पुलिस ने बीच-बचाव किया और भीड़ को तितर-बितर किया।
साउथ 24 परगना जिले में बसंती के बूथ नंबर 76 पर बीजेपी उम्मीदवार विकास सरदार ने कहा कि टीएमसी के गुंडों ने उनकी कार के शीशे तोड़ दिए। उनके सुरक्षाकर्मी की बंदूक छीनने की कोशिश भी की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव है।
हुगली जिले के खानकुल में राजहाटी-1 पंचायत के रामचंद्रपुर में बूथ नंबर 147 पर नकली पोलिंग एजेंट नियुक्त करने के आरोपों को लेकर तनाव के कारण TMC और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई।
भवानीपुर में पोलिंग बूथ का दौरा करने पहुंचे सुवेंदु अधिकारी को टीएमसी समर्थकों ने घेर लिया था और उनके खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सीआरपीएफ और पुलिस ने कोलकाता के उस बूथ से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।


